मानव नेत्र की संरचना (full explanation of human eye)
हमें कोई भी वस्तु कैसे दिखाई देती है हमें अलग-अलग रंग की वस्तुएं कैसे दिखाई देती हैं हमारी आंख की पूरी क्रिया विधि क्या होती है हमारी आंखों की संरचना क्या होती है यह सब हम याद की इस ब्लॉग में जाने वाले हैं तो दोस्तों मैं बताओ कि हमें कोई भी वस्तु दिखाई क्यों देती है जब भी कोई वस्तु में दिखाई देती है तो दरअसल क्या होता है कि सूर्य का प्रकाश उसे वास्तु के ऊपर पड़ता है उसके बाद में वह वस्तु सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करके हमारे आंखों के पास भेजती है जैसे ही प्रकाश के किरण हमारे आंखों के पास पहुंचती है तो वह हमारे आंखों के कोरनिया में प्रवेश करती है ।
जैसे ही आंखों के कार्य में प्रवेश करेगी तो हमारे आंखों का कार्य होता है वहां पर क्या होता है प्रकाश का अपवर्तन हो जाता है उसके बाद में प्रकाश की किरण हमारी आंखों की पुतली के पास जाती है पुतली क्या करती है । पुतली प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करती है मतलब पुतली प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करेगी अगर ज्यादा प्रकाश होगा तो हमारी आंखों का साइज छोटा हो जाता है अगर कम प्रकाश होगा तो हमारी आंखों का साइज बड़ा हो जाता है । ऐसा इसलिए होता है ताकि हमारे आंखों को कोई नुकसान न पहुंचे जब हम अंधेरे से प्रकाश में जाते हैं तो हमारी आंखों का साइज बड़ा हो जाता है जब हम प्रकाश से अंधेरे कमरे में जाते हैं तो हमारी आंखों का साइज बड़ा हो जाता है पुतली का साइज बड़ा हो जाता है पुतली का साइज बड़ा इसलिए होता है ताकि हमारे आंखों में अधिक से अधिक प्रकाश प्रवेश कर सके जिससे हमें वस्तु स्पष्ट दिखाई दे सके ।
उसके बाद में हमारे आंखों में एक लेंस पाया जाता है। उसे लेंस का नाम उत्तल लेंस होता है इसे ही अभिनेत्र लेंस कहते हैं जब प्रकाश लेकिन पुतली में प्रवेश करती है उसके बाद में यह अभिनेत्र लेंस से अपवर्तित होकर हमारी आंखों के रेटिना यानी दृष्टि पटल पर आपतित होती है जैसी प्रकाश हमारे आंखों के रेटिना के ऊपर पड़ती है तो हमारे रेटिना के ऊपर प्रकाश सुग्राही कोशिकाएं होती हैं जो की क्या जो कि दीप्त हो जाती हैं जैसे प्रकाश सुग्रही एक कोशिकाएं दीप्त होती है तो वह कुछ सिग्नल निकलते हैं और वह सिग्नल वह मस्तिष्क को देती है मस्तिष्क उन सिग्नल को व्याख्या करता है और हमें वस्तु दिखाई देती है ।
हमारे आंखों की कार्निया और लेंस के बीच में जो द्रव पाया जाता है उसे नेत्र द्रव्य कहते हैं उसके अलावा हमारे ने हमारे आंखों के लेंस और रेटीना के बीच में जो द्रव्य पाया जाता है उसे द्र्व को काचाभ द्रव्य कहते हैं । इस प्रकार हमारे आंखों की पूरी संरचना होती है
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हमारे आंखों में दो प्रकार की बिंदु पाए जाते हैं एक होता है निकट बिंदु और एक होता दूर बिंदु बात करते हैं सबसे पहले निकट बिंदु तो निकट बिंदु किसे कहते हैं हमारी आंखों की स्पष्ट दूरी का वह न्यूनतम बिंदु जिस पर हमें कोई भी वस्तु स्पष्ट दिखाई देती है उसे हमारे आंखों के लिए निकट बिंदु कहते हैं और हमारी आंख का जो निकट बिंदु होता है । वह 25 सेमी होता है ।
अब बात करते हैं दूर बिंदु की तो दूर बिंदु क्या होता है दूर बिंदु वह दूर बिंदु वह होता है जिसमें हमें कोई भी वस्तु अधिकतम दूरी पर स्पष्ट दिखाई देती है उसे हमारे आंखों का दूर बिंदु कहते हैं हमारे आंखों का दूर बिंदु अनंत होता है ।
कोई भी वस्तु हमें लाल क्यों दिखाई देती हैं दरअसल क्या होता है कि सूर्य के श्वेत प्रकाश में सात रंग होते हैं जैसे ही सूर्य का श्वेत प्रकाश लाल रंग की वस्तु के ऊपर गिरता है तो वह वस्तु क्या करती है लाल रंग के अलावा बाकी सभी रंगों को तो अवशोषित कर लेती है लेकिन लाल रंग को परावर्तित करती है ।
इसी प्रकार हमें कोई भी वस्तु पीली कब दिखाई देती है तो कोई भी वस्तुओं में पीली तब दिखाई देती है जब सूर्य का श्वेत प्रकाश की वस्तु के ऊपर गिरता है तो वह पीली वस्तु बाकी सभी रंगों को तो अवशोषित कर लेती है लेकिन पीले रंग को परावर्तित कर देती है जिसकी वजह से हमें वह वस्तु पहले रंग की दिखाई देती है ।
अब बात करते हैं मोस्ट इंपोर्टेंट बात यह है कि कोई भी वस्तु हमें काली क्यों दिखाई देती है कोई भी वस्तु हमें काली इसलिए दिखाई देती है कि जब भी कोई प्रकाश सूर्य का प्रकाश किसी काले रंग की वस्तु के ऊपर गिरता है तो वह काले रंग की वस्तुसभी रंगों को अवशोषित कर लेती है जिसकी वजह से वह वस्तु हमें काले रंग की दिखाई देती है यह कारण होता है कि जो काले रंग की वस्तुएं होती हैं या काले रंग की जीव होते हैं जिसे गलती से भैंस हो गई उसकी सबसे ज्यादा गर्मी लगती है और यही कारण है कि सर्दियों में हम काले रंग के कोट पहनते हैं जिससे हमें सर्दी कम से काम में लगे ।
अब बात करते हैं कोई भी वस्तु हमें सफेद कर क्यों दिखाई देती है तो कोई भी वस्तु हमें सफेद दिखाई देती है इसका कारण यह है कि जब सूर्य का श्वेत प्रकाश है किसी सफेद रंग की वस्तु पर गिरता है तो वह सफेद रंग की वस्तु किसी भी रंग को अवशोषित नहीं करती है ।
बल्कि सभी रंगों को परावर्तित कर देती है जिसकी वजह से हमें वह वस्तु सफेद राखी दिखाई देती है आशा करता हूं आपकी सारी कांसेप्ट क्लियर हो गए होंगे धन्यवाद।
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